Tuesday, February 21, 2017

आखिर मंदिर में क्यों बजाई जाती है घंटा ( घंटी )

 नमश्कार !
आखिर मंदिर में क्यों बजाई जाती है घंटा ( घंटी )

                      वैसे तो मंदिर में बजाई जाने वाली घंटी के बारे में अलग-अलग तरह की मान्यताए है।  लेकिन सबसे महत्वपूर्ण जो मान्यता हे उसके अनुसार घंटी/ घंटा बजाने से मंदिर में स्थापित किए हुए देवी-देवताओं की मूर्तियों में चेतना जागृत होती हे इसका परिणाम यह होता हे के हम जो भी कुछ पूजा , आराधना करते हे वे ज्यादा फलदायक और प्रभावशाली होती है. 
                    घंटी बजाने से जो ध्वनि निर्माण होती हे बेहत सुकून दायी होती हे. घंटे की ध्वनि दिल और दिमाग को अध्यात्म का भाव जगाते हुए अध्यात्म की और जाने के लिए मदत कराती हे. हमारा मन घंटी की लय से जुड़कर शांति का अनुभव करता हे।  इसके साथ ही कई मान्यताओ के अनुसार  घंटी बजाने से इंसान के कई जन्मो के पाप धूल जाते है. जब भी मंदिर मे लय और विशेष धुन के साथ घंटिया बजाई जाती हैं , तब वहां  मौजूद  लोगों को शांति और दैवीय  शक्ति की उपस्थिति  का एहसास  होता है. तीसरी  वजह, जब सृष्टि  का प्रारंभ  हुआ, तब जो एक  नाद  यानी  आवाज गुंजायमान हुई थी, मान्यताओ के अनुसार वही आवाज घंटी बजाने पर भी पैदा होती है. इसिलीए घंटी उसी आदि नाद  की प्रतीक  मानी जाती है.

इस पोस्ट को पढने के लिये आपका धन्यवाद ! अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो प्लीज इसे लाईक ओर शेअर करे . इस ब्लॉग को follow के बटन पे क्लिक करके हमसे फ्री मे जुड जाए जीससे हम जब भी कोई नई जानकारी पोस्ट करेंगे तो आपको तुरंत notification मिल जाएगी .
आप ई मेल के जरीये subscribe करके भी हमसे फ्री मे जुड सकते हे.
अधिक जानकारी के लिये आप हमारे Youtube चैनेल ज्ञान The Source of power इसे नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके Subscribe के बटन पे क्लिक करणे के बाद जुड सकते हे जो बिलकुल फ्री है.

धन्यवाद !

Join Free

SAMSUNG MOBILE